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चांदी आयात प्रतिबंध पर सराफा व्यापारियों में चिंता

छोटे ज्वेलर्स और कारीगरों के हितों की रक्षा की मांग, JDWA ने केंद्र सरकार से मांगा संवाद

 

झाबुआ। ज्वेलर्स डेवलपमेंट वेलफेयर एसोसिएशन (JDWA) ने भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा महानिदेशालय विदेशी व्यापार (DGFT) द्वारा जारी Notification No. 17/2026-27 के तहत चांदी (Silver Bars) के आयात को “Free” श्रेणी से “Restricted” श्रेणी में किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने कहा कि सरकार को विदेशी मुद्रा संरक्षण और आयात संतुलन का अधिकार है, किंतु ऐसी नीतियों का भार छोटे एवं पारंपरिक सराफा व्यापारियों पर नहीं पड़ना चाहिए।

JDWA के अनुसार भारत में चांदी केवल व्यापारिक वस्तु नहीं, बल्कि ग्रामीण एवं आदिवासी समाज की सांस्कृतिक और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। मध्य भारत और आदिवासी क्षेत्रों में चांदी के आभूषणों का व्यापक उपयोग होता है। ऐसे में यदि आयात प्रतिबंधों के कारण चांदी की उपलब्धता प्रभावित होती है या कीमतों में असामान्य वृद्धि होती है, तो इसका सीधा असर छोटे ज्वेलर्स, हस्तशिल्प कारीगरों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

संगठन ने आशंका जताई कि यदि आयात व्यवस्था केवल बड़े आयातकों और कॉर्पोरेट ट्रेडिंग संस्थानों तक सीमित हो गई, तो बाजार में असंतुलन एवं एकाधिकार जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे छोटे व्यापारियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कमजोर होगी।

JDWA ने केंद्र सरकार से मांग की है कि छोटे एवं MSME श्रेणी के सराफा व्यापारियों के लिए अलग Silver Import Quota निर्धारित किया जाए तथा अनुमति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही ग्रामीण, पारंपरिक एवं आदिवासी चांदी आभूषण उद्योग को विशेष संरक्षण देने तथा बाजार में कॉर्पोरेट मोनोपॉली रोकने के लिए संतुलित आयात वितरण व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।

संगठन ने यह भी कहा कि Notification में उल्लेखित “Policy Condition No. 7” को सार्वजनिक एवं स्पष्ट किया जाए, ताकि व्यापारियों में भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। JDWA ने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी नीतिगत व्यवस्थाएं लागू करने से पहले चांदी एवं चांदी आभूषण क्षेत्र से जुड़े संगठनों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से व्यापक चर्चा की जाए।

एसोसिएशन ने कहा कि छोटे सराफा व्यापारी पहले से ही GST अनुपालन, Hallmarking, बढ़ती लागत, बैंकिंग प्रतिबंधों और बाजार मंदी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में कच्चे माल की उपलब्धता महंगी होने से सबसे अधिक प्रभाव छोटे व्यापारियों और कारीगर वर्ग पर पड़ेगा।

अंत में JDWA ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छोटे ज्वेलर्स, पारंपरिक कारीगरों एवं ग्रामीण सराफा उद्योग के हितों की रक्षा हेतु तत्काल संवाद प्रक्रिया प्रारंभ कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।

जारीकर्ता : ज्वेलर्स डेवलपमेंट वेलफेयर एसोसिएशन (JDWA)

अधिकृत हस्ताक्षर : महेश शाह

संपर्क : 9425435880

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